रांची।भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 7 अक्टूबर को टी-20 का पहला मुकाबला टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी के होमटाउन रांची में खेला जाएगा। यह दूसरा मौका है, जब रांची में टी-20 मैच हो रहा है। इस स्टेडियम की सबसे बड़ी खासियत इसकी डिजाइन है। ये देश का पहला ऐसा स्टेडियम है । जहां किसी भी स्थिति में शाम 4.45 से पहले मैदान के सभी 9 पिचों पर छाया नहीं पड़ती है। इससे बैट्समैन की परेशानी काफी कम हो जाती है।

 

एक बार में ही आईसीसी ने कर दिया था पास…- यह स्टेडियम फरवरी, 2012 में बनकर तैयार हुआ और उसी साल 19 अक्टूबर को आईसीसी ने इसे इंटरनेशनल मैच के लिए मान्यता दे दी।-अगस्त में ही यह तय हो गया था कि इस ग्राउंड पर इंडिया और इंग्लैंड के बीच 19 जनवरी, 2013 को वनडे मैच खेला जाएगा, लेकिन उसके लिए इस स्टेडियम को आईसीसी से मान्यता मिलनी जरूरी थी।
-इसीलिए बीसीसीआई की रिक्वेस्ट पर आईसीसी ने डेविड बून की अध्यक्षता में स्टेडियम के इंस्पेक्शन के लिए एक टीम भेजी।

 

बून को स्टेडियम में मौजूद फैसिलिटीज, सिक्योरिटीज, लोकेशन और सबसे खास बात कन्स्ट्रक्शन इतना पसंद आया कि उन्होंने एक बार में ही स्टेडियम के फेवर में रिपोर्ट सौंप दी और आईसीसी ने इंटरनेशनल मैच के लिए मान्यता दे दी।मेन ग्राउंड में बनाए गए हैं इंटरनेशनल मैच के लिए 9 पिच-इस ग्राउंड में इंटरनेशनल मैच के लिए 9 पिच बनाए गए हैं।

यानी किसी भी परिस्थिति में पिच से संबंधित कोई भी बाधा नहीं आ सकती।-इतना ही नहीं, ग्राउंड पर प्रैक्टिस के लिए 8 पिच तैयार किए गए हैं। इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि एक साथ 8 बैट्समैन और बॉलर्स प्रैक्टिस कर सकते हैं। कई बार इन प्रैक्टिस पिचों पर लोकल मैच भी खेले जाते हैं।अब तक हुए हैं तीन वनडे और एक टी-20 मैच- इस ग्राउंड पर पहला इंटरनेशल वनडे मैच भारत और इंग्लैंड के बीच 19 जनवरी, 2013 को खेला गया ।

जिसमें टीम इंडिया ने 7 विकेट से जीत दर्ज की।- इसके बाद दूसरा वनडे मैच 16 नवंबर, 2014 को भारत और श्रीलंका के बीच हुआ, जिसमें टीम इंडिया ने 3 विकेट से मैच जीता।- इस ग्राउंड पर तीसरा और आखिरी वनडे मैच 26 अक्टूबर, 2016 को भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ, जिसे न्यूजीलैंड ने 19 रन से जीता।- रांची में एकमात्र इंटरनेशनल टी-20 मैच हुआ है। 12 फरवरी, 2016 को भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए उस मैच में टीम इंडिया ने 69 रन से जीत दर्ज की थी।