बैंकों ने 200 रुपए के नये बैंक नोट के लिए एटीएम मशीनों को पुनर्व्यवस्थित करना शुरू कर दिया है। RBI के आदेश पर अमल के लिए बैंकिंग इंडस्ट्री को 1,000 करोड़ रुपए से अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है। बैंकों पर यह वित्तीय बोझ ऐसे समय में पड़ेगा जब बैंकों पहले से बैड लोन से जूझ है।

देश में करीब 2.4 लाख एटीएम मशीनें हैं जिनमें करीब 30 हजार रिसाइक्लर मशीनें भी शामिल हैं। रिसाइक्लर मशीनें पैसा देने और पैसा जमा करने में भी सक्षम है। 200 रुपए के नोट अगस्त में पेश किये गये थे।

एटीएम बनाने तथा इससे संबंधित सेवाएं देने वाली कंपनी एनसीआर कॉरपोरेशन इंडिया के प्रबंध निदेशक नवरोज दस्तूर ने कहा, ‘हमने एटीएम को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए एक इंजीनियर को हर मशीन का दौरा करना होगा।’