इंदौर। बैंक नोट प्रेस देवास में शुक्रवार को पुलिस ने एक ऐसा शातिर चोर अधिकारी को गिरफ्तार किया जो प्रेस से नोटों की चोरी करता था। अफसर इतनी सुरक्षा के बाद भी अब तक 90 लाख रुपए के नोट चुरा चुका था। सहकर्मियों की सूझबूझ से आरोपी अधिकारी को  पुलिस ने रंगेहाथ पकड़ लिया। पुलिस नोट जब्तकर उनसे पूछताछ कर रही है।

कैसे करता था नोटों की चोरी

बैंक नोट प्रेस देवास में वरिष्ठ निरीक्षक मनोहर वर्मा 1984 में पदस्थ हुआ था। निरीक्षक होने से गेट पर उसकी उतनी सख्ती से चेकिंग नहीं होती थी। इसी का फायदा उठाकर वह पिछले तीन महीने से अपने जूतों में 500-500 के नोट छिपाकर घर ले जा रहा था। कुछ समय से वे जरूरत से ज्यादा टेबल के नीचे झुकने लगे थे। यह बात उनके सहकर्मियों को अजीब लगी। इस पर उन्होंने उन पर नजर रखना शुरू कर दिया। इसके अलावा अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे को भी उनकी ओर कर दिया।

तलाशी के दौरान जब उनके जूते खुलवाए गए और मोजे उतरवाए तो 500 के नोट रखे मिले। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मनोहर ने नोट छिपाकर ले जाने की बात कबूल ली। इसके बाद टीम वर्मा को लेकर उनके घर पहुंची और तलाशी ली तो यहां कार्टून में नोटों के बंडल मिले। पुलिस वर्मा की पत्नी और बच्चों से भी पूछताछ कर रही है।

पूछताछ में वर्मा ने बताया कि करीब 3 महीने से वह यह काम कर रहा था। निरीक्षक होने के नाते रिजेक्टेड नोट की जिम्मेदारी उसकी होती थी। इसी का फायदा उठाकर वह मामूली डिफेक्ट होने पर भी नोटों को रिजेक्ट कर देता था। ज्यादा रिजेक्टेड नोट को वो गलाने के लिए भेज देता था, जबकि चलने वाले नोटों को वह मोजे में छिपाकर घर ले जाता था।

90 लाख से ज्याद के नोट जब्त
देवास एएसपी अनिल पाटीदार ने बताया कि प्रबंधन ने नोट चोरी की शिकायत की थी। इस पर वर्मा को रंगेहाथ पकड़ा गया है। पूछताछ में उसने नोट चोरी की बात कबूल ली है। उसके साकेत नगर स्थित निवास से बैग में रखे 500-500 के नोट के बंडल जब्त किए हैं। एक बंडल में 26