अगरतला/कोहिमा/शिलांग.  नॉर्थ ईस्ट के तीन राज्य त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय विधानसभा चुनाव के वोटों की मतगणना जारी है। त्रिपुरा में बीजेपी 1983 से चुनाव लड़ रही है और पहली बार लेफ्ट सरकार को कड़ी टक्कर देती दिख रही है। वहीं, मेघालय में मामला फंसता नजर आ रहा है। कांग्रेस आगे है, लेकिन उसे एनपीपी मुश्किल में डाल रही है। नगालैंड में बीजेपी अलायंस और सत्ताधारी पार्टी एनपीएफ में मुकाबला है। बता दें कि त्रिपुरा में 18 फरवरी को, मेघालय और नगालैंड में 27 फरवरी को वोट डाले गए थे।

 

 

1) त्रिपुरा: बहुमत: 31/60

2013: लेफ्ट जीता

इस बार: Left v/s BJP

 

पार्टी2018 के नतीजे/रुझान2013 में सीटें2013 में

 

किसने चुनी सरकार?

वोटर: 25 लाख, वोटिंग: 89.8%

त्रिपुरा में 25 साल से लेफ्ट की सरकार है। लेकिन सरकार की हिंदूविरोधी नीति, बेरोजगारी और विकास न होने के आरोप के बीच वह एंटी-इनकंबेंसी की मार झेल सकती है।

यहांं 59 सीट पर चुनाव हुआ। एक सीट पर उम्मीदवार का निधन होने की वजह से चुनाव नहीं हुआ।

 

कौन हैं सीएम का चेहरा?

मौजूदा सीएम माणिक सरकार। पिछले 20 साल से सरकार चला रहे हैं। बीजेपी ने सीएम कैंडिडेट के लिए किसी के नाम का एलान नहीं किया। बीजेपी नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस और टीएमसी हाशिए पर है।

खासियत: माणिक की बेदाग छवि। इनके पास खुद का न मोबाइल है, न घर है, न कार है। वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी नहीं करते हैं।

कमजोरी: ऐसा कहा जाता है कि इसी बात को लेकर युवाओं में नाराजगी है। आरोप लगते हैं कि राज्य आईटी सेक्टर में पिछड़ा है।

 

जातिगत समीकरण क्या है?

25 लाख से ज्यादा वोटर हैं। जातिगत समीकरण के लिहाज से 70% वोटर बंगाली और अन्य, 30% वोटर आदिवासी (शेड्यूल ट्राइब) हैं। बीजेपी ने क्षेत्रीय दल इंडीजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के साथ गठबंधन किया है। आईपीएफटी काफी वक्त से अलग आदिवासी बहुल त्रिपुरालैंड राज्य बनाने की मांग करती आ रही है। बीजेपी 60 में से 51 सीटों पर और आईपीएफटी 9 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

बीजेपी और आरएसएस ने पिछले चार साल से इन्हीं आदिवासियों के बीच काम किया है।

 

बंगाली हिंदू आबादी में नाथ योग कम्युनिटी के 70% वोटर अहम

त्रिपुरा में बंगाली हिंदू आबादी में करीब 70% नाथ योग संप्रदाय के वोटर हैं। अगरतला में नाथ मंदिर भी है। इन्हें लुभाने के लि यूपी के सीएमयोगी ने रोड शो और जनसभाएं की हैं।

 

2) मेघालय: बहुमत: 31/59

2013: कांग्रेस जीती

इस बार: Cong v/s NPP v/s BJP

 

किसने चुनी सरकार?

वोटर: 19 लाख, वोटिंग:  67%

8 साल से कांग्रेस सरकार है। कांग्रेस- बीजेपी और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) में त्रिकोणीय मुकाबला है। ड्रग्स, डेवलपमेंट और हेल्थ जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ा गया। नेशनल पीपुल्स पार्टी 2013 में सत्ता में आई। दिवंगत पूर्व कांग्रेसी नेता पीए संगमा इसके फाउंडर हैं। अब यह उनके बेटे और पार्टी चीफ कोनार्ड संगमा की लीडरशिप में मजबूत हो रही है। 5 साल में पार्टी का जनाधार बढ़ा है। 2014 के आम चुनाव में वोट शेयर 22.8% था। 18 असेंबली सीट में बढ़त बनाई थी।

यहांं 59 सीट पर चुनाव हुआ। एक सीट पर उम्मीदवार का निधन होने की वजह से चुनाव नहीं हुआ।

 

कौन हैं सीएम का चेहरा?

कांग्रेस मौजूदा सीएम मुकुल संगमा की लीडरशिप में चुनाव लड़ रही है। वहीं, एनपीपी ने सीएम के लिए किसी का नाम आगे नहीं किया है। हालांकि, कहा जा रहा है कि अगर एनपीपी चुनाव जीतती है तो मुकुल संगमा की बहन और पूर्व सांसद अगाथा संगमा सीएम हो सकती हैं। बीजेपी ने किसी का नाम आगे नहीं किया है। यहां भी नरेंद्र मोदी और बीजेपी के नाम पर चुनाव लड़ा जा रहा है।

 

जातिगत समीकरण क्या है?

राज्य में करीब 75% वोटर ईसाई समुदाय हैं। इन वोटर्स को रिझाने के लिए कांग्रेस ने केरल के पूर्व सीएम ओमान चांडी और बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस को चुनाव की कमान दी थी।

राज्य में हर चुनाव में निर्दलीय बड़ी संख्या में जीतते हैं। पिछली बार 13 जीते थे। 27% वोट उन्हें मिले थे। इस बार 84 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं।

 

किसने चुनी सरकार?

वोटर: 11 लाख, वोटिंग: 75%

15 साल से नेशनल पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) की सरकार है। बीजेपी ने चुनाव से पहले एनपीएफ से गठबंधन तोड़कर इसी पार्टी के बागी नेताओं-विधायकों के नए दल नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) से हाथ मिलाया है। एनडीपीपी ने 40, बीजेपी ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था। एनपीएफ 59 सीटों पर मैदान में रही।

 

कौन हैं सीएम का चेहरा?

एनपीएफ सीएम टीआर जेलियांग चेहरा हैं। बीजेपी और एनडीपीपी ने किसी नेता को आगे नहीं किया। एनपीएफ के पूर्व नेता और तीन बार सीएम रह चुके नेफ्यू रियो एनडीपीपी के संभावित कैंडिडेट हो सकते हैं। उन्होंने चुनाव से पहले एनडीपीपी ज्वाइन कर ली थी। वे नॉर्दर्न अंगामी-2 से निर्विरोध चुनाव जीत गए हैं। नरेंद्र मोदी की पहली पसंद हैं।

 

जातिगत समीकरण क्या है?

यह ईसाई बहुल राज्य है। यहां 90.2% ईसाई, 7.7% हिंदू और 1.8% मुस्लिम हैं।

 

इस चुनाव के बीजेपी-कांग्रेस और लेफ्ट के लिए मायने

29 राज्यों में से 19 में एनडीए (14 में बीजेपी) की सरकार है। इनमें नगालैंड भी शामिल है। यहां एनपीएफ-बीजेपी गठबंधन में थे। इन 10 राज्यों में बीजेपी या एनडीए की सरकार नहीं है: कर्नाटक, मेघालय और पंजाब (कांग्रेस), तमिलनाडु (AIADMK), त्रिपुरा और केरल (लेफ्ट), आंध्रप्रदेश (टीडीपी), पश्चिम बंगाल (टीएमसी), सिक्किम (एसडीएफ), तेलंगाना (टीआरएस)।

नॉर्थ-ईस्ट के सात राज्यों में से असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर में बीजेपी की सरकार है। सिक्किम में सिक्किम डेमोक्रेटिव फ्रंट की सरकार है। त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय के रिजल्ट आज आना है।

अगर कांग्रेस मेघालय हार जाती है तो वह सिमटकर सिर्फ दो राज्य (कर्नाटक और पंजाब) में रह जाएगी।

लेफ्ट के हाथ से अगर त्रिपुरा चला जाता है तो उसके पास सिर्फ केरल बचेगा।