नई दिल्ली: आज वित्तमंत्री अरुण जेटली अपना चौथा बजट पेश करने जा रहे हैं. इस बार 1 महीना बजट पेश हो रहा है. कई अहम बातें हैं जो इस बार के बजट को खास बना रही हैं. बजट में आईटी से लेकर सर्विस टैक्स तक कई बड़े ऐलानों की उम्मीद है. साथ ही सरकार किसानों और गरीबों के लिए भी कई बड़े ऐलान कर सकती है.

नकद ट्रांजेक्शन पर पहली बार टैक्स का ऐलान संभव
देश में कैश ट्रांजेक्शन को कम करने के लिए पहली बार सरकार कैश लेनदेन पर कोई टैक्स लगा सकती है. काफी दिनों से खबरें हैं कि सरकार 50 हजार रुपये से ज्यादा के नकद लेनदेन पर टैक्स लगा सकती है. ऐसा हुआ तो देश में कैश ट्रांजेक्शन में कमी आएगी.

GST के लागू होने से पहले का बजट
पूरे देश में एक टैक्स व्यवस्था लागू होने की तारीख 1 जुलाई 2017 है और यह बजट उससे पहले टैक्स ढांचे को तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है.

नोटबंदी के बाद सरकार का पहला बजट
मोदी सरकार के सबसे चर्चित नोटबंदी के फैसले के बाद सरकार का यह पहला बजट है. 8 नवंबर के नोटबंदी के ऐलान के बाद अर्थव्यवस्था पर जो सीधा असर हुआ उसका सटीक आंकड़ा पेश किया जा सकता है.

आईडीएस स्कीम के बाद पहला बजट

सरकार ने काला धन मालिकों के लिए अपनी काली कमाई को घोषित करने का आखिरी मौका दिया. पेनल्टी और टैक्स देकर काले धन को सफेद बनाने की सरकार की स्कीम के बाद ये पहला बजट होगा.

ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए बड़े ऐलान
मोदी सरकार कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रमुखता से काम कर रही है. इसके लिए सरकार ने भीम ऐप भी लॉन्च की है. सरकार इस बजट में ऑनलाइन और डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई ऐलान कर सकी है.

1 फरवरी को पेश हो रहा है आम बजट
आम बजट के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब बजट 1 फरवरी को पेश होगा. ताकि बजट के प्रावधानों को लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके.इस बार 4 फरवरी से पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं सो विपक्षी पार्टियां 1 फरवरी को बजट पेश करने के खिलाफ थीं. तारीख की लड़ाई चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची, लेकिन विपक्षी पार्टियों को इस मामले में मुंह की खानी पड़ी.

आम बजट के साथ ही रेल बजट
इस बजट के साथ सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार रेल बजट को आम बजट के साथ ही पेश किया जाएगा. अब तक रेल बजट को आम बजट और आर्थिक सर्वेक्षण से पहले पेश किया जाता रहा है. सबसे पहले रेल बजट और इसके बाद आर्थिक सर्वे और इसके बाद केंद्रीय बजट संसद में पेश होता था.