प्रवर्तन निर्देशालय : ईडी – ने गुजरात के स्टर्लिंग बायोटेक ग्रुप की 4700 हजार करोड़ रुपये की सम्प्पति जप्त कर ली है । कंपनी पर बैंको से 5,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है । जप्त की गई संपत्ति नीरव मोदी, मेहुल चौकसी केस के बाद सबसे जाएदा है । इनके मामले में ईडी ने 76,00 करोड़ रुपये की जप्ती की थी ।

स्टर्लिंग ग्रुप पर 31 दिसंबर 2016 को बैंको का 5383 करोड़ रुपये का बकाया था । ईडी ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी के विदेश लेनदेन के बारे में दूसरे देशों की अथॉरिटी दूसरे देशों से किया जा रहा है । स्टर्लिंग ने नाईजीरिया के कई ऑइल फील्ड और रिंग में निवेश कर रखा है । इनके साथ विदेश में करीब 50 बैंक अकाउंट को भी जप्त करने की कदवाद की जा रही है ।

स्टर्लिंग ग्रुप का कारोबार मौरीशस, यूएई, ब्रिटिश, वर्जिन,आइलैंड,सेशेल्श, और अमेरिका में भी है । सीबीआई ने पहले स्टर्लिंग बायोटेक इसके डिरेक्टर चेतन जयंतीलाल संदेसरा, दीप्ति चेतन संदेसरा, राजभूषण ओम प्रकाश दीक्षित, नितिन जयंतीलाल संदेसरा और विलाश जोशी, सीए हेमंत हाथी, और अनूप प्रकाश गर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी । एफआईआर के आधार पर ईडी ने अक्टूबर 2017 में कंपनी और इसके प्रमोटर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था । मुम्बई, बड़ोदरा, अहमदाबाद,और सुरत में 50 ठिकानों पर छापे मारे थे । प्रमोटर देश छोड़कर जा चुके है ।