नई दिल्‍ली। जम्‍मू कश्‍मीर में बीजेपी के पीडीपी से समर्थन वापस लेने के बाद अब यहां राज्‍यपाल शासन लागू हो चुका है। वहीं राज्‍यपाल शासन लगते ही इसके दूसरे दिन राज्‍य के गवर्नर ने एक बड़ा फैसला किया है। दरअसल कश्‍मीर में एक के बाद एक अलगाववादियों पर लगाम कसती हुई नजर आ रही है।

राज्‍य में स्थिति को दूरुस्‍त करने के लिए प्रशासन ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया है। वहीं दूसरी ओर एक और नेता मीरवाइज को नजरबंद कर दिया गया है। आपको बता दें कि मीरवाइज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नरम धड़े के अध्यक्ष हैं। अलगाववादी नेताओं को घाटी में विरोध-प्रदर्शनों की अगुवाई से रोकने के लिए ये कदम उठाए गए हैं।

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में बुधवार से ही राज्यपाल शासन लगा हुआ है। मंगलवार को बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर सरकार से समर्थन वापसी का फैसला लिया था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मलिक को गुरुवार सुबह उनके मैसूमा स्थित आवास से हिरासत में लिया गया। उन्हें कोठीबाग स्थित पुलिस थाने में रखा गया है। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी भी नजरबंद हैं।

पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ईद के बाद घाटी में सीजफायर बढ़ाने से इनकार कर दिया था। रमजान के दौरान सीजफार के बावजूद आतंकी घटनाओं में 265 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इस वजह से सीजफायर करने का मोदी सरकार का फैसला आलोचना के घेरे में आ गया था।