New Delhi: कर्नाटक में गठबंधन की सरकार को लेकर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। और आखिरकार सीएम कुमारस्वामी का दर्द भी अब सबके सामने आ ही गया है। कुमारस्वामी का कहना है कि सीएम बनना उनके लिए जहर पीने जैसा रहा है।

एक कार्यक्रम में कुमारस्वामी का दर्द छलका और उन्होंने रोते हुए कहा कि भले ही उनकी पार्टी के लोग इस बात से खुश हैं कि उनके अन्ना या थम्मा (भाई) सीएम बने हैं लेकिन वो वर्तमान राजनीतिक हालात से खुश नहीं हैं। जेडीएस की तरफ से उनके सीएम बनने की खुशी में आयोजित किए गए इवेंट में कुमारस्वामी ने गुलदस्ते और फूलमाला तक को स्वीकार नहीं किया।

कुमारस्वामी ने कहा कि मैं किसी को बताए बिना अपने दर्द को पी रहा हूं, जो जहर से कम नहीं है। गठबंधन की सरकार पर सवाल उठाते हुए खुद ही सीएम ने कहा कि जो कुछ भी चल रहा है उससे वह खुश नहीं हैं। कुमारस्वामी के इस भावुक भाषण की तात्कालिक वजह सोशल मीडिया पोस्ट हैं। इसे ‘कुमारस्वामी मेरे सीएम नहीं’ वाली सोशल मीडिया पोस्ट का असर समझा जा रहा है।

जानकारी के लिए बता दें कि कोदागू के एक लड़के ने एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उसके गांव की सड़क बह गई। उसने कहा कि सीएम को इसकी चिंता ही नहीं है। इसी तरह कोस्टल जिलों के मछुआरे भी लोन माफी नहीं होने की वजह से कुमारस्वामी सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि कोई नहीं जानता कि लोन माफी के लिए अधिकारियों को मनाने के लिए मुझे कितनी बाजीगरी करनी पड़ी है।

सीएम कुमारस्वामी ने कहा- अब वे ‘अन्ना भाग्य स्कीम’ में 5 किलो चावल की बजाय 7 किलो चाहते हैं। मैं इसके लिए कहां से 2500 करोड़ रुपये लेकर आऊं? साथ ही कहा कि टैक्स लगाने के कारण हर तरफ उनकी आलोचना भी हो रही है। ये भी बोले कि अगर मैं चाहूं तो 2 घंटों के भीतर सीएम का पद छोड़ दूं।

कुमारस्वामी ने कहा कि मेरा सपना था कि मैं पार्टी के वादों और अपने पिता एचडी देवगौड़ा के अधूरे कामों को पूरा करूं। यह ताकत हासिल करने के लिए नहीं था। कुमारस्वामी ने कहा, ‘हालांकि विधानसभा चुनावों के परिणाम (केवल 37 सीटों पर मिली जीत) में यह संकेत था कि कहीं न कहीं लोगों को मेरे अंदर भरोसा नहीं है।’ उधर कुमारस्वामी के पिता देवगौड़ा ने कहा कि सीएम का 18-18 घंटे काम करना उनके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है और उन्हें अपने बेटे की चिंता है।