New Delhi: पीएम मोदी ने जबसे गद्दी संभाली है वह एक के बाद एक एतिहासिक फैसले करते नजर आ रहे हैं। इस कड़ी में अब पीएम एक ऐसा म्यूजियम बनवाने जा रहे हैं जिसमे देश के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के स्टेचयू लगाए जायेंगे।

लेकिन इसमें हैरान करने वाली बात यह है कि, दिल्ली के तीन मूर्ति एस्टेट में यह संघ्रालय बनाया जायेगा जिसमें देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की मूर्ति नहीं लगाई जाएगी। इस बात का निर्णय पीएम मोदी और उनकी एक स्पेशल टीम के तहत लिया गया है।

जी हां हाल ही में दिल्ली में हुई एक बैठक में “नेहरू मेमोरियल और म्यूजियम” पर बात हुई और इसको खत्म कर अब पूर्व प्रधानमंत्रियों का संघ्रालय बनाये जाने पर निर्णय लिया है। आज दिल्ली में हुई इस बैठक में पीएम मोदी ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस बैठक की अगुआई शक्ति सिन्हा ने की जो इस मेमोरियल के निदेशक हैं। तो इस बैठक एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है जो एक बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है।

जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल के निदेशक शक्ति सिन्हा का कहना है कि देश को बनाने में पूर्व प्रधानमंत्रियों का अभूतपूर्व योगदान रहा है। संग्रहालय के बनने से सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के बारे में लोगों को एक छत के नीचे जानकारी मिलेगी। ऐसे में इसको अब देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के सम्मान में बदल दिया जायेगा। लेकिन बेहद हैरान करने वाली खबर है कि, इस मेमोरियल में देश के पहले पीएम “जवाहर लाल नेहरू” की मूर्ति को ही जगह नहीं दी जाने की बात सामने आई है।

इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है और उनका कहना है कि, यह नेहरू की विरासत को ख़त्म करने की एक चाल है। पीएम मोदी देश के पहले पीएम का ही सम्मान नहीं करना जानते हैं, ऐसे में वह जनता के लिए करेंगे।