डेस्क : संसद में गुरुवार का दिन पूरी तरह से राज्यसभा के उपसभापति चुनाव का ही दिन था. लेकिन यह दिन इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा कि करीब तीन महीने के रेस्ट के बाद केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली संसद में पहुंचे थे. इस दौरान एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला. हरिवंश सिंह को राज्यसभा का उपसभापति चुने जाने के बाद बधाई देने के क्रम में जब पीएम मोदी ने अरुण जेटली की तरफ हाथ बढ़ाया, तो उन्होंने हाथ मिलाने से इंकार कर दिया.

किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन के बाद अरुण जेटली संसद में पहली बार आए थे. उन्होंने राज्यसभा के सभापति के चुनाव में अपना वोट दिया. हरिवंश सिंह की जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी बधाई देने के लिए उनकी सीट की तरफ गए और उन्हें गर्मजोशी से हाथ मिलाकर बधाई दी. उसके बाद वह लौटकर अपनी सीट की ओर आए और बगल में बैठे नेता सदन अरुण जेटली की तरफ हाथ बढ़ाया, लेकिन अरुण जेटली ने मुस्कराते हुए संकेत दिया कि वह हाथ नहीं मिला सकते. उन्होंने तत्काल हाथ जोड़कर नमस्कार कर लिया, जिसका पीएम मोदी ने जवाब भी दिया.

असल में, हाल में हुई किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी की वजह से उन्हें अपने को काफी बचाकर रखना है. डॉक्टरों ने यह सलाह दी है कि वह लोगों से मेलजोल कम से कम रखें. इसकी वजह से वह करीब तीन महीने से घर में ही बैठे थे. उनके वित्त मंत्रालय का प्रभार भी फिलहाल रेल मंत्री पीयूष गोयल संभाल रहे हैं.

यहां तक कि राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को पहले ही सदन में यह चेतावनी देनी पड़ी कि अरुण जेटली को कोई छूने या उनके करीब जाने की कोशिश न करे, क्योंकि अभी उनकी सेहत सुधार के क्रम में ही है.

सत्तारूढ़ एनडीए के नेताओं के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी जैसे विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने भी मेज थपथपा कर अरुण जेटली का स्वागत किया.

जेटली सदन के बाहर अपने चेहरे पर एक मास्क लगाए देखे गए थे, लेकिन सदन के अंदर उन्होंने इसे हटा लिया था. ऐसे संकेत हैं कि वह जल्दी ही अपना काम भी संभाल लेंगे.