सूरत : शहेर में पिछले चार दिनों से सुरत महानगर पालिका द्वारा दबान हटाओ का अभियान सुरु किया गया, जिसमे सुरत महानगर के 7 ज़ोन शामिल है । इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस भी मौजूद रहती है ।

शहेर के लिंम्बायत और वराछा ज़ोन में सुरत महानगर दबान अधिकारी रोड पर बैठे दुकानदार से जबरदस्ती हटाया जा रहा है । इतना ही नही उनकी सब्जियों को उठाकर जप्त भी किया जा रहा है ।

सुरत मुनीशिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारी और उच्च अधिकारी आदेश देकर गरीब के रोजी रोटी छीनने का काम कर रही है । अधिकारी अपने जाने पहिचाने लोगो को पैसे लेकर लारी या सामान वापस दे देता है । लेकिन गरीब परिवार घर बेसहारा हो जा रहा है ।

बड़े शर्म की बात यह है कि आज वराछा ज़ोन के दबान गोडाउन में जप्त किये हुई सब्जियों को डोर टू डोर गाड़ी में कचरे की तरह फेक रहे थे । लेकिन गुजरात नोनस्टॉप की टीम जब वहां पर पहुचीं तो देखा कुछ लोग सब्जियों को अलग अलग कर के लारी पर लोड कर रहे थे । बाकी के सब्जियों को कचरे की गाड़ी में फेंक रहे थे ।

रिपोर्टर ने जब पूछा तो सिक्युरिटी ने फौरन सभी भागना सुरु कर दिया । इसके अलावा दबान गोडाउन में एक अधिकारी मौजूद थे जिनका नाम खंभता है । उन्होंने कहा कि आप मेरे आफिस चलो लेकिन रिपोर्टर उन्हें साथ नही गया । और जमीन पर पड़ी सब्जियों को अपने कैमरे में कैद कर लिया । उसके बाद रिपोर्टर ने जतिन देसाई को फ़ोन किया लेकिन साहेब ने फ़ोन नही उठाया, उसके बाद कमिश्नर को फ़ोन किया तो कमिश्नर साहेब ने भी फ़ोन नही उठाया,

शनिवार का दिन होने के कारण अधिकारियो की छुट्टी रहती है जिसकी वजह से शायद घोर नीद में होंगे, लेकिन अधिकारियो को क्या पता जब उन लोग नीद में होते तो उनके नीचे के अधिकारी अपनी मर्जी से काम को अंजाम देते है ।

इस मामले में सुरत शहेर मेयर जगदीस पटेल को सूचित किया गया था या। लेकिन मेयर साहेब भी गरीबो के प्रति दया भाव नही दिखा पाए । क्या इसी तरह से गरीबो पर अत्याचार होते रहेंगे ।