New Delhi: मौत को खुली चुनौती देते हुए ठन गई मौत से ठन गई जेसी कालजयी कविता रचने वाले भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की सचमुच मौत से ठन गई। पूर्व प्रधानमंत्री ने 93 साल की उम्र में गुरूवार शाम पांच बजकर पांच मिनट पर राजधानी एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को 11 जून 2018 को दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह पिछले 9 हफ्तों से डॉक्टरों की निगरानी में थे उनकी हालत लगातार स्थिति बनी रही। डॉक्टरों ने देश के इस लोकप्रिय नेता को बचाने की भरपूर कोशिश की लेकिन दुर्भाग्यवश देश ने आज सबको साथ लेकर चलने वाला नेता खो दिया।

निधन के बाद अटलजी के शरीर से वाजपेयी का पार्थिव शरीर उनके आवास कृष्णा मेनन मार्ग पर ले जाया गया है। गुरूवार की रात पार्थिव शरीर को यहीं पर रखा जाएगा। एक तरह से अपने आवास पर उनकी आखिरी रात होगी। शुक्रवार सुबह 9 बजे वाजपेयी का पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय लाया जाएगा, जहां करीब साढ़े घंटे तक रखा जाएगा।

बीजेपी मुख्यालय पर पार्टी नेताओं समेत तमाम बड़ी हस्तियां नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि देंगी। बीजेपी के झंडे को पार्टी मुख्यालय में आधा झुका दिया गया है। पार्टी की ओर अंतिम विदाई के बाद तकरीबन दिन 1.30 बजे अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। जो बीजेपी दफ्तर से राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक जाएगी। और फिर स्मृति स्थल में वाजेपयी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

स्मृति स्थल के आसपास भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। एसपीजी को भी तैनात किया गया है। स्मृति स्थल राजघाट से बिल्कुल करीब है। बीएसएफ पहले से राष्‍ट्रीय स्‍मृति की निगरानी करती रही है। स्मृति स्थल में वाजपेयी का स्मारक बनाने के लिए डेढ़ एकड़ जमीन दी गई है। फिलहाल राष्ट्रीय स्मृति में जोर-शोर से सफाई अभियान चलाया जा रहा है।