हैदराबाद: कहते हैं कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती है। जो मेहनत करता है, उसे उसका फल ज़रूर मिलता है। मेहनत करने वालों के बारे में यह भी कहा जाता है कि मेहनत करने वाला थोड़ा परेशान ज़रूर होता है लेकिन नाकाम नहीं होता है। जो पूरी लगान से मेहनत करते हैं, उनके सपने ज़रूर पूरे होते हैं। और सब सपने पूरे होते हैं तो सबसे ज़्यादा ख़ुशी माँ-बाप को होती है। हर माँ-बाप यही चाहते हैं कि उनके बच्चे उनसे भी आगे जाए। दुनिया का हर माँ-बाप अपने बच्चों को पढ़ाता-लिखाता है ताकि वह एक दिन उनसे भी बेहतर काम करे। मेहनत करके बच्चे अपने माता-पिता से भी आगे निकल जाएँ और समाज में उनका नाम रौशन करें। कुछ बच्चे अपने माँ-बाप के इस सपने को सच भी कर देते हैं। और जब ऐसा होता है तो माँ-बाप की आँखें ख़ुशी और गर्व में मारे छलक भी पड़ती है। ऐसा ही कुछ मामला तेलंगाना में देखने को मिला है। यहाँ की एक बेटी ने अपने बाप के सपने को पूरा कर दिखाया और उससे भी आगे निकल गयी। रैली में मौजूद थे बाप-बेटी:

जानकारी के अनुसार बेटी ने कुछ ऐसा कर दिखाया कि उसके पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। आपको बता दें मौक़ा था हैदराबाद में रविवार को आयोजित तेलंगाना राष्ट्र समिति की रैली का। इस रैली की वजह से प्रदेश के कई पुलिस अधिकारियों की नौकरी लगी हुई थी। डीसीपी एआर उमामहेश्वर शर्मा भी यहाँ पर तैनात थे। रैली के दौरान डीसीपी पिता के सामने एक ऐसा मौक़ा आया जब उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया। दरअसल इस रैली में डीसीपी उमामहेश्वर शर्मा की बेटी आईपीएस सिंधू शर्मा भी मौजूद थी। 30 सालों से पुलिस विभाग में हैं उमामहेश्वर:

दोनो का आमना-सामना नहीं हुआ था तब तक तो माहौल ठीक था। जैसे ही उमामहेश्वर और सिंधू का आमना-सामना हुआ तो डीसीपी पिता ने अपनी एसपी बेटी को सैल्यूट मारा। यह नज़ारा देखकर वहाँ मौजूद सभी लोग हैरान हो गए। उमामहेश्वर शर्मा पिछले 30 सालों से पुलिस विभाग में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। जबकि उनकी बेटी सिंधू का चार साल पहले ही आईपीएस में सिलेक्शन हुआ था। जानकारी के अनुसार सिंधू शर्मा तेलंगाना के जगतियाल जिले में एसपी के पद पर तैनात हैं। हैदराबाद में राशाकोंडा कमिश्नरी के मलकानगिरी के डीसीपी उमामहेश्वर शर्मा अगले साल रिटायर होने वाले हैं। उमामहेश्वर शर्मा ने बताया कि, हम दोनो बाप-बेटी पहली बार ड्यूटी के दौरान आमने-सामने आए हैं। में बहुत भाग्यशाली हो जो अपनी बेटी के साथ काम करने का मौक़ा मिला। उमामहेश्वर ने गर्व से कहा कि सिंधू मेरी वरिष्ठ अधिकारी है। में जब भी उन्हें देखता हूँ तो सलाम करता हूँ। हम अपनी-अपनी ड्यूटी करते हैं और इसपर चर्चा नहीं करते हैं। लेकिन जब हम घर पर होते हैं तो बाप-बेटी की तरह रहते हैं। वहीं महिलाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभाल रही सिंधू ने कहा में बहुत ख़ुशनसीब हूँ। यह बहुत अच्छा मौक़ा है कि हमें एक साथ काम करने का मौक़ा मिला।