सेलवास बयूरो : आज बात कर रहे है सोनाली चौहान नाम की एक विद्दार्थी की जिसके पास एक पैर तो नही, लेकिन जज्बा और हौसले से डांस कर अपनी ओर आकर्षित कर लेती है । छोटी उम्र से ही डांस सीखने की चाहत रखने वाली सोनाली चौहान अपने आत्मबल का संदेश दे रही है ।

केंद्र शासित प्रदेश सेलवास की रहने वाले शिव दयाल चौहाण पत्नी सुनीता चौहाण 2 बच्ची और 2 बच्चे का परिवार के साथ मजूरी का काम और टेलरिंग की शिक्षा देकर अपने परिवार का गुजारा चला रही है । सुनीता की तीसरी संतान बेबी जो पैर से विकलांग की शिकार हो गई थी । और सब से छोटी संतान सोनाली ने जन्म से ही एक पैर से नही था । परिवार उस समय आर्थिक तंगी से गुजर रहा था । और अपने बच्चो की भविष्य की चिंता सता रही थी । उस दौरान परिवार के मुख्य सदस्य शिव दयाल की मौत के बाद परिवार की जबाबदारी माता सुनीता और भाईओ पर आ गई । उस समय सोनाली की उम्र 6 माह थी । माँ और भाइओ पोलियों ग्रस्त बेबी और सोनाली पर विशेष ध्यान देकर भूख से भरा जीवन के लिए एक नया बातावरण का निर्माण किया ।

सोनाली जब 3 साल की हुई तब घर के बाहर खेलते बच्चो को देखकर एक बिचार मन में आया कि मैं इनके जैसा चल और कुदकर पहुंगी । इसके अलावा मन एक और ख्याल आया कि मेरा परिवार मेरे लिए इतना परिश्रम कर रहे है, तो मैं भी कुछ कर के दिखाउंगी । मैं भले पैर से लाचार हूँ, लेकिन मेरे पास मजबूत मनोबल है ।

सोनाली जब स्कूल प्रवेश हुआ तब माँ के सहारे आती और जाती थी । उस समय सेलवास रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा जयपुर फ्रूट की मदद मिलने से एक नया पैगाम हुआ, उस दौरान उनके घर के पास एक डांस क्लास की सुरुवात हुई थी । सोनाली की रुचि डांस और संगीत के प्रति खूब रुचि थी । सोनाली की महत्वकांक्षा और सीखने की ट्रेनिंग पुरी तरह निःषुल्क पूर्ण किया । लेकिन कुछ समय के बाद डांस क्लास बंद हो गया । परंतु सोनाली ने हार नही मानी, और घर पर खुद की भतीजी रुपाली के साथ प्रैक्टिस लगातार चालू रखी । सोनाली और रुपाली एक दूसरे के प्रेरक बन गए ।

अब सोनाली ने खुद कला के लिए एक प्लेटफार्म की जरूरत थी । सावर्जनिक गणेशउत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम में डांस कर लोको का दिल जीत लिया । भीड़ में हजार लोगो के बीच सज्जन फतेह सिंह चौहाण और सिंह साहेब रूबरू में परिचय कराए और सोनाली के शिक्षा की जबाबदारी लेकर इंग्लिश मीडियम की स्कूल में प्रवेश दिलाया । शिक्षा के साथ संगीत और डांस के कई कार्यक्रम में भाग लेकर बॉलीवुड, राजस्थानी , और कत्थक नन्तयायांग के दीदार दरसाया ।

सोनाली की माता ने शब्द में बच्चियो के संदर्भ में नकारात्मक विकलांगता रखने वाले परिवार के लिए साबित कर बताया कि बेटी दिल की दरिया के जैसे है । हम दिल से कह सकते है कि सोनाली प्रख्यात नृत्यांग सुधा चंदन की राह पर जा रही है ।