हैदराबाद। बुधवार को तेलंगाना में हुए दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या 57 हो गई है। दुर्घटना में 30 लोग घायल है। इस भीषण हादसे में अधिकतर मौतें महिलाओं की हुई हैं। एक्सीडेंट में करीब 36 महिलाओं की मृत्यु हुई, साथ ही 6 बच्चों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है। बता दें कि बस कोंडागट्टू से जगतियाल के रास्ते में थी। इसी दौरान यह हादसा हुआ।

बस खचाखच लोड थी

खबरों के मुताबिक बस पर जरूरत से ज्यादा लोग सवार थे। कहा जा रहा है कि बस में 90 से अधिक लोग यात्रा कर रहे थे। जबकि बस की क्षमता 50 लोगों के आसपास थी। तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन कोंडाकट्टू पहाड़ियों से बस अंजानया स्वामी मंदिर से लौट रही थी। तब बस चालक ने अपना नियंत्रण खो दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट में दुर्घटना की वजह तेज मोड़ पर स्पीड अधिक होने का ड्राइवर का बस पर नियंत्रण खोना बताया जा रहा है। बस के अचानक तेज गति से मुड़ने के कारण एक तरफ के यात्री अनियंत्रित होकर दूसरी तरफ गिर पड़े। इस वजह से बस का बैलेंस बिगड़ गया। कई लोगों की मौत दम घुटने के कारण हो गईपरिवहन मंत्री से लेकर आरटीओ अधिकारी तक सब खबर मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि अभी मामले की जांच चल रही है कि आखिरी ये हादसा कैसे हुआ। उधर स्थानीय लोगों में राज्य की परिवहन बस सेवा की खस्ता हालत को लेकर गुस्सा भी देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने सड़कों की खराब स्थिति और टीएसआरटीसी की कथित लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई है।

देश का सब बड़ा हादसा में से एक तेलगांना हादसा

इस हादसे के बारे में कहा जा रहा है कि ये तेलंगाना में हुए अबतक का सबसे बड़ा सड़क हादसा है। साथ ही भारत के सड़क दुर्घटनाओं में से एक है। 12 मार्च 1995 को तमिलनाडु में हुए हादसे में 110 लोगों की जान गईं थी। 8 जून 1999 को कर्नाटक में बस दुर्घटनाग्रस्त होने से 94 लोगों की मौत हुई। 30 जनवरी 1984 को पंजाब के रपड़ में बस हादसे होने से 80 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।