भोपाल
राज्य सरकार के आदेश के बाद ईओडब्ल्यू ने सागर नगर निगम के मेयर अभय दरे के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। मेयर पर 10 लाख रुपए की पेमेंट देने के बदले ठेकेदार संतोष प्रजापति से 25 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप है। ठेकेदार और मेयर के बीच कमीशन को लेकर हुई बातचीत का ऑडियो जांच में सही पाया गया है। जांच अधिकारी व नगरीय विकास आयुक्त विवेक अग्रवाल ने इसके बाद मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार छीन लिए हैं। साथ ही जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी। इसी रिपोर्ट के आधार पर ईओडब्ल्यू को FIR दर्ज करने के लिए कहा गया। EOW के डीजी विजय यादव ने मामला दर्ज होने की पुष्टि की है।
दूसरी ओर विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव ने जांच रिपोर्ट के आधार पर मेयर को हटाने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। विभागीय मंत्री माया सिंह के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद नगर निगम अधिनियम की धारा 19 (ख) के तहत मेयर को नोटिस जारी कर 21 मार्च तक जवाब मांगा गया है। जवाब से विभाग असंतुष्ट रहता है तो उन्हें हटा दिया जाएगा। संभवत: प्रदेश का यह पहला मामला है, जब मेयर को पद का दुरुपयोग करते हुए अनियमितता के कारण हटाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को मेयर और ठेकेदार से जांच अधिकारी विवेक अग्रवाल ने बंद कमरे में अलग-अलग पूछताछ की थी। इसी के बाद यह कार्रवाई हुई।
भाजपा से निकाला जा सकता है दरे को
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने बताया कि इस बात की जानकारी मिलते ही दरे को अनुशासनहीनता के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाएगा। इसके बाद पार्टी प्राथमिक सदस्यता रद्द करने की कार्यवाही का विचार करेगी।
ऐसे हटाया जा सकता है मेयर को
मेयर को दो तरह से पद से हटाया जा सकता है। एक तो पार्षद मिलकर मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएं। इसके बाद ‘रीकॉल’ की प्रोसेस अपनाई जाती है। दोबारा वोटिंग होती है। दूसरा, मेयर ने यदि पद का दुरुपयोग किया है या अनियमितता की है तो सुनवाई का मौका देने के बाद मंत्री के प्रशासकीय अनुमोदन से उन्हें सीधे हटाया जा सकता है।
डेढ़ साल पहले का कमीशन मांगने का ऑडियो 21 फरवरी को वायरल हुआ था
डेढ़ साल पहले कमीशन मांगने का यह ऑडियो 21 फरवरी को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें मेयर व निगम के ठेकेदार के बीच जेसीबी से नाला सफाई के काम के 10 लाख के भुगतान के बदले 25% कमीशन की चर्चा रिकॉर्ड है। जांच में पुष्टि हुई कि बातचीत उन्हीं दोनों के बीच की है।
आईएएस-आईएफएस आ चुके हैं चपेट में
दिसंबर 2015 में आईएएस व ट्राइबल कमिश्नर रहे जे मालपानी व नवंबर 2015 में आईएफएस अधिकारी अजीत कुमार श्रीवास्तव का रिश्वत मांगने का ऑडियो सोशल मीडिया पर जारी हुआ था। भोपाल में जिला पंचायत सीईओ पीसी शर्मा के साथ हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा का धमकी भरी बातचीत का ऑडियो जारी हुआ था।