झारखण्ड प्रतिनिधि : 3 राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस पार्टी का मनोबल बढ़ता नजर आ रहा है. इसी कड़ी में पार्टी को बीजेपी के एक और किले में सेंध लगाने का मौका मिला है. यह मौका दिया है झारखंड के उपचुनावों ने. बीजेपी शासित प्रदेशों झारखंड में उपचुनाव हुए. हत्या के एक मामले में झारखंड पार्टी के विधायक एनोस एक्का के सजा पाने के बाद खाली हुई कोलेबीरा विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव कराए गए थे. अब यहां कांग्रेस के नमन विक्सेल कोंगाडी को जीत मिली है. जिसके बाद सूबे की सियासत में चहलकदमी तेज होने की आशंका जताई जा रही है. कोलेबिरा में कांग्रेस के खाते में 40343 वोट आए हैं. वहीं बीजेपी प्रत्याशी को 30685 वोट मिले.

बता दें कि कोलेबिरा को नक्सल प्रभावित इलाका माना जाता है, जहां भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुरुवार को मतदान कराया गया . जहां करीब 64 प्रतिशत मतदाताओं ने अपेन मत के अधिकार का इस्तेमाल किया. खास बात यह रही कि उपचुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा की खबर नहीं आई थी. सीट पर कुल 5 उम्मीदवार चुनाव अपनी किस्मत आजमाने के लिए उतरे थे. जिनमें बीजेपी के बसंत सोरेंग, झारखंड पार्टी की मेनन एक्का और कांग्रेस के नमन विक्सेलकोंगाडी प्रमुख हैं. इनके अलावा सेंगेल पार्टी के अनिल कंदुलना और निर्दलीय बसंत डुंगडुंगभी चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे थे. उम्मीद जताई जा रही थी कि यहां त्रिकोणिय मुकाबला देखने को मिलेगा. लेकिन नतीजों के दिन रेस में सिर्फ बीजेपी और कांग्रेस ही नजर आए. शुरुआती राउंड में कांग्रेस और बीजेपी के बीच वोटों का अंतर कम रहा. लेकिन आखिरी राउंड तक यह फासला करीब 10 हजार वोटों तक पहुंच गया.

कांग्रेस ने यहां झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ हाथ मिलाने की कोशिश की थी लेकिन झारखंड इससे साफ इनकार करती दिखाई दी.  झारखंड पार्टी के अयोग्य ठहराये गये विधायक एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का की उम्मीदवारी का समर्थन किया. अब कांग्रेस जीत का ताज पहन चुकी है. झारखंड मुक्तिमोर्चा के रुख में थोड़ी नरमी आने की संभावना बढ़ गई है.