लखनऊ/जालौन।सीबीआई (CBI) ने अवैध खनन के मामले में शनिवार को आईएएस बी. चंद्रकला (B.Chandrakala)के लखनऊ स्थित आवास समेत 12 जगहों पर छापे मारे। यह कार्रवाई 2012 हमीरपुर खनन घोटाले के मामले में की गई। चंद्रकला के आवास के अलावा सीबीआई ने लखनऊ, नोएडा, हमीरपुर, जालौन और कानपुर में बसपा और सपा नेताओं के घर पर भी छापे मारे। चंद्रकला वही आईएएस अफसर हैं जिनके साथ सेल्फी लेने वाले युवक को जेल जाना पड़ा था। उनकी वर्तमान पोस्टिंग दिल्ली में है।

अखिलेश सरकार में 2008 बैच की आईएएस बी.चन्द्रकला की पहली पोस्टिंग हमीरपुर में जिलाधिकारी के पद पर की गई थी। आरोप हैं कि 2012 में उन्होंने सपा नेताओं को अवैध तरीके से खनन के 60 पट्टे जारी किए, जबकि ई-टेंडर के जरिए स्वीकृति देने का प्रावधान है। चंद्रकला के लखनऊ में योजना भवन के पास स्थित सफायर अपार्टमेंट के फ्लैट 101 में शनिवार सुबह सीबीआई ने छापा मारा। उस समय चंद्रकला फ्लैट में नहीं थी। टीम ने यहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।

सीबीआई ने हमीरपुर में बसपा नेता सत्यदेव दीक्षित और सपा एमएलसी रमेश मिश्रा और जालौन में बसपा नेता रामअवतार राजपूत और करन सिंह राजपूत के आवास पर इसी मामले में छापेमार कार्रवाई की गई।

2015 में अवैध खनन पर कार्रवाई की मांग के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2015 को हमीरपुर में जारी किए गए सभी 60 मौरंग खनन के पट्टे अवैध घोषित करते हुए रद्द कर दिए थे। अवैध खनन को लेकर मिल रहीं शिकायतों और याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 28 जुलाई 2016 को जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

बी. चंद्रकला का जन्म तेलंगाना के करीमनगर जिले में हुआ था। वह 2008 बैच की यूपी कैडर की IAS हैं।उन्होंने सेंट्रल स्कूल से 12वीं पास की। ग्रैजुएशन के लिए हैदराबाद के कोटि वुमन्स कॉलेज में एडमिशन लिया।बी. चंद्रकला के आईएएस बनने का सफर संघर्षों से भरा रहा है।

शादी के बाद उन्होंने डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रैजुएशन किया।इसके बाद यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए कड़ी मेहनत की और इसे पूरा करके दिखाया। वह एक बेटी की मां हैं और IAS बनने में उनके पति का रोल काफी अहम बताया जाता है।

बुलंदशहर की डीएम रहते हुए बी. चंद्रकला 1 फरवरी 2016 की शाम अपने ऑफिस में गोद लिए गांव कमालपुर के बारे में मीटिंग ले रही थीं। ग्रामप्रधान और अफसर मौजूद थे। उनके साथ कुपोषण, शौचालय निर्माण और सड़कों के बारे में चर्चा हो रही थी।

तभी एक युवक खुद को उसी गांव का ग्रामीण बताते हुए मीटिंग में और डीएम के साथ सेल्‍फी लेनी शुरू कर दी। डीएम ने मना किया तो भी वो नहीं माना, उसे मीटिंग बाहर निकाल दिया गया। उससे जब वो फोटो डिलीट करने को कहा तो उसने सुरक्षाकर्मियों से हाथापाई शुरू कर दी और हंगामा करने लगा। सुरक्षाकर्मियों ने उसे थाने भेज दिया। वहां से उसे शांतिभंग की धाराओं में जेल भेज दिया गया।