लखनऊ. यूपी में बीजेपी अलायंस ने टोटल 403 सीट में से 325 ( बीजेपी 312) सीटें जीती हैं। वहीं, सपा को 47 और कांग्रेस को 7 और बसपा को 19 सीटें मिली हैं। के एक्सपर्ट श्रीधर अग्न‍िहोत्री और योगेश श्रीवास्तव ने बताया क‍ि जिन 73 सीटों पर ये तीनों पार्टी को जी मिली है, वहां बड़े नेताओं का कद और लोकल मुद्दे हावी रहे। वहीं, इन सीटों पर बीजेपी के कमजोर कैंडिडेट का होना भी सपा, कांग्रेस और बीएसपी की सीटों के निकलने में बड़ा कारण रहा।
इन 73 सीटों पर कैसे प‍िछड़ गई बीजेपी.
बड़े नेताओं का कद हावी रहा
रामपुर में आजम खान, कुंडा में राजा भैया, आजमगढ़ में दुर्गा प्रसाद यादव, अम्बेडकरनगर के अकबरपुर में बीएसपी स्टेट प्रेसिडेंट अध्यक्ष राम अचल राजभर, दीदारगंज से बीएसपी के सुखदेव राजभर ऐसे नाम हैं जो बड़े नेताओं में शुमार होते हैं।
ये ऐसे नेता हैं, जो अपनी पर्सनल इमेज के चलते जीतते रहे हैं। इनके साथ वोटर का विश्वास लगातार बना हुआ है।
कुछ ऐसा ही हाल प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट का भी है, जहां से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी लगातार 9 बार जीते और अब दूसरी बार उनकी बेटी आराधना शुक्ला को जीत मिली है।
2. हावी रहे लोकल मुद्दे
बहराइच की मटेरा विधानसभा से सपा के यासर शाह और इसी तरह बिजनौर के नजीबाबाद से तसलीम अहमद दोबारा जीते हैं। दरअसल, ये ऐसी सीटें हैं जहां जाति-धर्म से उठकर लोकल मुद्दों पर चुनाव हुआ।
 मटेरा में बिजली अहम मुद्दा रहा। वहीं, नजीबाबाद में बीएसपी से सपा में आए तसलीम अहमद की हिंदू और मुस्लिम वोटर्स में सही पकड़ का फायदा मिला।
3. बीजेपी कमजोर कैंडिडेट को टिकट देना
आजम खान, राजा भैया, सुखदेव राजभर और रामअचल राजभर जैसे बड़े चेहरों के सामने बीजेपी ने कमजोर कैंडिडेट उतारे, जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा।
किस पार्टी को मिली कितनी सीटें?
बीजेपी अलायंस 325 , सपा 47, कांग्रेस 7, बीएसपी 19, आरएलडी 1, अपना दल (सोनेलाल पटेल) 9, निर्बल इंडियन शोषित हमारा दल 1, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी 4, निर्दलीय 3।2012 में क्या थी स्थि‍ति?
सपा 224, बीएसपी 80, बीजेपी 47, कांग्रेस 28