गुजरात नोनस्टॉप ( बॉलीवुड न्यूज़ )

प्रोड्यसर पवन पोद्दार और तान्या शर्मा एवं निर्देशक अनिल नारायणी की मोटिवेशनल फिल्म 1 मार्च को रिलीज होगी
फिल्म से होनेवाली आय वनबधुं परिषद और हार्ट्स एट वर्क फाउंडेशन को दी जाएगी

सूरत : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बचपन की मोटिवेशनल कहानी से इंस्पायर होकर अब एक गुजराती फिल्म रिलीज़ होने जा रही है जिसका नाम है “हू नरेंद्र मोदी बनवा मांगू छू’. यानि ‘मैं नरेंद्र मोदी बनना चाहता हूं।’

मुंबई के अंधेरी में स्थित द व्यू में पिछले दिनों इस फिल्म का पोस्टर और टीजर लॉन्च किया गया जहां फिल्म के निर्माता निर्देशक और कलाकार मौजूद थे। यह फिल्‍म काव्य मूवी प्राइवेट लि. और श्री अर्थ प्रोडक्‍शन के बैनर तले बनाई गई है। फिल्म के प्रोड्यसर पवन पोद्दार और तान्या शर्मा हैं जबकि इसके लेखक निर्देशक अनिल नारायणी हैं।

इस गुजराती फिल्म में करण पटेल, ओंकार दास मानिकपुरी, अनेशा सैयद और हीरल पटेल और ऋषि पंचल मुख्‍य भूमिका में नजर आयेंगे। इस फिल्म में प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी के पिता का किरदार आमिर खान प्रोडक्शन की फिल्म पीपली लाइव में नत्था की मुख्य भूमिका निभा चुके अभिनेता ओंकार दास ने किया है।

इस फिल्म को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशंसक और गुजराती फिल्म निर्माता अनिल नारायणी ने बनाया है। उनका कहना है कि फिल्म प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन से प्रभावित है। इस गुजराती फिल्म का टीजर मुंबई में रिलीज किया गया तो सबका रिस्पॉन्स बहुत अच्छा था ।

इस फिल्म के प्रोड्यसर पवन पोद्दार ने कहा कि फिल्म की कहानी एक लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है। लड़का चाय बेचता है और बड़ा होकर नरेंद्र मोदी जैसा बनना चाहता है. यह फिल्म 1 मार्च को रिलीज होगी।  उन्होंने बताया की फिल्म से होनेवाली आय से ट्राइबल क्षेत्रों के बच्चों में शिक्षा की ज्योत जगाने वाली संस्था वनबंधु परिषद तथा पौधारोपण के लिए अभियान चलाने वाले विरल देसाई की हार्ट्स एट वर्क फाउंडेशन को मदद की जाएगी।

फिल्म के निर्देशक अनिल नारायणी ने यहां बताया, ‘यह फिल्म प्रधानमंत्री मोदी की बायोपिक नहीं बल्कि उनके व्यक्तित्व से प्रभावित है. जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने बचपन में बहुत संघर्ष किया और देश के प्रधानमंत्री बने, उसी किरदार से प्रभावित होकर फिल्म में एक बच्चे की कहानी दिखाई गई है। बच्चा भले चाय बेचता है, पर उसके सपने बड़े हैं। एक बच्चा लाईफ में बहुत तरह की नकारात्मक चीजो के बावजूद मोदी जैसा बनने का लक्ष्य रखता है।”

प्रोड्यूसर पवन पोद्दार ने कहा कि आज अधिकतर बच्चे सलमान, शाहरुख जैसे एक्टर या सिंगर बनना चाहते है जबकि यह बच्चा मोदी जैसी हस्ती बनना चाहता है। हम इस फिल्म के जरिए यह सन्देश देने का प्रयास कर रहे हैं कि आज हर घर में एक बच्चा मोदी जैसा बनने का इरादा करले।

फिल्म के निर्देशक अनिल नारायणी ने यहां बताया कि मेरी इंस्पिरेशन मोदी है और मोदी जैसा कोई नहीं है। इस फिल्म में मोदी का बचपन दिखाया गया है, हमने राजनीति नहीं दिखाई। इसकी कहानी पर काफी मेहनत और रिसर्च की गई है।
फिल्म में मोदी के बचपन की भूमिका निभा रहे करण पटेल ने कहा कि सैकड़ों बच्चो के साथ उन्होंने भी ऑडिशन दिया था। फिर उनके पास फोन आया कि उन्हें शॉर्ट लिस्ट किया गया है। यह फिल्म मेरे लिए काफी चैलेंजिंग थीं।

फिल्म की प्रोड्यूसर तान्या शर्मा ने कहा कि इस फिल्‍म में मोदी जी की कहानी को इस तर‍ह से पेश किया गया हैं, जिससे फिल्‍म को देखने और समझने वाले दर्शक मोटिवेट हो। मुझे लगता है कि आज देश का हर बच्‍चा नरेंद्र मोदी बनना चाहता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन के संघर्ष को फ़िल्मी पर्दे पर उतारा गया है।

नरेंद्र मोदी जी के व्‍यक्तिव से भारत की नई पीढ़ी प्रेरणा ले इस के लिए यह फिल्म बनाइ गई है। नरेंद्र मोदी की इंस्‍पायरिंग कहानी देश भर में जानी चाहिए। पहले तो इसे  1 मार्च को गुजराती में ही रिलीज करने की योजना है. साथ ही अन्‍य भाषाओं में भी डब करने की कोशिश होगी। इस फिल्‍म की कुछ शूटिंग गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत में हुई है, जहां पीएम नरेंद्र मोदी का बचपन बीता है।

फिल्म के निर्देशक अनिल नारायणी ने यहां सेंसर बोर्ड के रवैए पर भी सवाल उठाया। उन्होंने सेंसर बोर्ड चीफ प्रसून जोशी का नाम भी लिया और कहा कि बिना फिल्म देखे किसी भी फिल्म के बारे में कोई राय देना या कुछ कह देना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़ी दिक्कतों के बाद उन्हें सेंसर सर्टिफिकेट मिला।