गुजरात नॉनस्टॉप : एक तरफ जीएसटी की मार सह रहे गुजरात की जनता को हर काम के लिए रिश्वत देने के अलावा कोई और रास्ता नही है । पहले अधिकारी द्वारा रिश्वत में मैसे की मांग करते थे । लेकिन आज के समय मे कई अधिकारों पैसे को जगह पर अन्य वस्तुएँ की मांग कर रहे है । ऐसी एक घटना संवारकुंडला की महिला पुलिस इंस्पेक्टर परेशान नही करने के लिए एयरकंडीशन की मांग की थी । इस मामले को लेकर गुजरात रिश्वत ब्यूरो ने इस मामले में फौरन टीम गठित कर महिला पिआएआई खुद के दफ्तर में एयर कंडीशन मंगाया था उसी दौरान एन्टी करप्शन की टीम ने उसे धर दबोचा ।

अमरेली जिले के सावरकुंडला के वड़ा पुलिस स्टेशन में आत्महत्या दुष्प्रेरण के एक मामले दर्ज किया था । इस केस के आरोपी को गिरफ्तार नही करने और परेशान नही करने के लिए महिला पुलिस सब इंस्पेक्टर ने चेतना कणसागरा ने रुपये 75 हजार पहले ले लिया था । लेकिन 75 हजार लेनी के बाद भी महिला पीएसआई कणसागरा की प्यास पूरी नही हुई । और फिर आरोपी के पास मितासी कंपनी को एयरकंडीशन देंने को कहा था । इस केस का आरोपी पीएसआई की मांग के कारण हैरान शिकायत कर्ता ने गुजरात एन्टी करप्शन को संपर्क किया शिकायत दर्ज करवाई ।

एन्टी करप्शन द्वारा शिकायत मिलने के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए इस केस में शिकायत करने वाले व्यक्ति ने दुकान से 27 हजार देकर एयर कंडीशन खरीदा था । कंडीशन खरीदने के बाद बील के साथ शिकायत कर्ता पंच के साथ महिला पीएसआई के संवारकुंडला पुलिस लाइन में एयर कंडीशनर देने पहुचे । उस दौरान पीएसआई एयर कंडीशनर लेते ही एन्टी करप्शन की टीम ने महिला पीएसआई को धर दबोचा था । रिश्वत एक्ट अधिनियम 1988 के तहत सरकारी अधिकारी खुद के पगार के अलावा किसी और के पास से कैस तथा उसके बदले में कोई अन्य वस्तु की मांग करे तो भी वह रिश्वत कहलाता है ।