श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के बड़गाम जिले के चदूरा इलाके में सोमवार को एक आतंकी से सिक्युरिटी फोर्सेस का एनकाउंटर करीब 10 घंटे चला। इसमें आतंकी मारा गया। वहीं, एक जवान गोली लगने से जख्मी हो गया। सिक्युरिटी फोर्सेस जब एनकाउंटर कर रहे थे, तभी बड़ी तादाद में लोकल लोगों ने प्रोटेस्ट कर दिया। उन्होंने जवानों पर जमकर पथराव किया। इस पथराव में 60 जवान घायल हो गए। इनमें सीआरपीएफ के 40 और पुलिस के 20 जवान शामिल हैं। पथराव के बाद फोर्सेस की जवाबी फायरिंग में तीन लड़कों की मौत हो गई।
सर्चिंग के दौरान गोलीबारी होने लगी…
एक पुलिस अफसर ने बताया, “सिक्युरिटी फोर्सेस ने चदूरा के पास ऑपरेशन कर रही थी। उन्होंने इलाके को घेरा हुआ था। उन्हें वहां आतंकी के होने की सूचना मिली थी।”
अचानक से आतंकी की तरफ से गोलीबारी होने लगी। फोर्सेस ने भी जवाबी कार्रवाई की।”
“फायरिंग के दौरान बड़ी तादाद में प्रदर्शनकारी वहां आ गए। उन्होंने फोर्सेस पर पत्थर चलाना शुरू कर दिए।”
 बड़गाम एनकाउंटर पर सीआरपीएफ के डीआईजी संजय कुमार ने कहा कि ऑपरेशन बेहद मुश्किल था। हमें दो मोर्चों पर जूझना पड़ा। पहला- आतंकी, दूसरा- लोकल लोग।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान कुछ लोगों ने हमारे लिए मुश्किलें पैदा कर दीं। हमारे खिलाफ नारेबाजी की गई, बुरे शब्द कहे गए, हम पर पत्थर फेंके गए। इसमें हमारे जवान घायल हो गए। सीअारपीएफ के 40 जवान घायल हुए हैं। पुलिस के भी 20 जवान घायल हुए हैं।
जवानों के साथ झड़प में तीन लड़कों​ की मौत
फोर्सेस पर पथराव कर रही भीड़ में कई यूथ भी शामिल थे।
हालात को संभालने के लिए फोर्स को फायरिंग करनी पड़ी। जाहिद रशीद, कैसर और इश्फाक अहमद वानी की मौत हो गई।
जाहिद रशीद को गले में बुलेट लगी थी। वहीं, कैसर गनई भी पैलेट गन से जख्मी हुआ था। बाद में हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई। इस दौरान बड़गाम इलाके में बाजार बंद रहा।
आर्मी चीफ ने दी थी वॉर्निंग, इसके बावजूद जारी है पथराव
आर्मी चीफ बिपिन रावत ने फरवरी में कहा था कि एनकाउंटर के दौरान मिलिट्री ऑपरेशन में अड़ंगा डालने वाले आतंकियों के हमदर्द हैं और उन्हें उसी तरह से ट्रीट किया जाएगा। एनकाउंटर के दौरान बाधा पहुंचाने वालों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
उन्होंने कहा था कि अगर लोग ISIS और पाकिस्तान के झंडे दिखाकर आतंकवाद का ही साथ देंगे, तो हम उन्हें बख्शेंगे नहीं। ऐसे लोगों को एंटी-नेशनल माना जाएगा और उसी तरह ट्रीट किया जाएगा।
पथराव का आतंकियों ने उठाया था फायदा, शहीद हुआ था मेजर
14 फरवरी को बॉर्डर से करीब 20 किलोमीटर अंदर हंदवाड़ा में पुरानी खंडहर हवेली में छिपे तीन आतंकियों का एनकाउंटर हुआ था।
इसी दौरान लोकल लोगों ने सिक्युरिटी फोर्सेस की टीम पर पथराव कर दिया था। भीड़ की आड़ लेकर आतंकियों ने सेना पर गोलीबारी कर दी थी।
पथराव की आड़ में हुई आतंकियों की फायरिंग में मेजर सतीश दहिया के सीने में गोली लगी थी और वे शहीद हो गए थे।
पीडीपी नेता के घर पर हुआ था हमला
– सोमवार रात शोपियां में एक पुलिस अफसर के घर गोलियां चलाई गई थीं। वहीं, गुरदासपुर की पहाड़ीपुर पोस्ट पर सोमवार को बीएसएफ जवानों ने बॉर्डर पर पाकिस्तानी घुसपैठिए को मार गिराया। रविवार को साउथ कश्मीर के पुलवामा जिले में सिक्युरिटी फोर्सेस के साथ एनकाउंटर में दो हिजबुल आतंकी मारे गए थे।
– रविवार को ही अनंतनाग जिले में पीडीपी नेता फारूक अंद्राबी के घर पर आतंकी हमला हुआ। उनकी सिक्युरिटी में तैनात एक पुलिसकर्मी के जख्मी होने और हथियार लूटे जाने की जानकारी मिली है।
– घायल पुलिसकर्मी को श्रीनगर के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। हमले के वक्त अंद्राबी घर में मौजूद नहीं थे। वे सीएम महबूबा मुफ्ती के करीबी रिश्‍तेदार हैं।
– आतंकी भारी हथियारों से लैस थे। गोलीबारी के बाद आतंकियों के अंद्राबी के घर में घुसने की बात बताई जा गई थी।
– 15 मार्च को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में बुधवार को सिक्युरिटी फोर्सेस के साथ एनकाउंटर में दो आतंकी मारे गए थे।
– वहीं, 16 जनवरी को पहलगाम में आर्मी ने एनकाउंटर में 3 आतंकियों को मार गिराया था। 3 एक-47 राइफल भी जब्त की गई थीं