नई दिल्ली. लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस कुलभूषण जाधव की फांसी का मुद्दा उठाएगी। सोमवार को पाक के आर्मी कोर्ट ने भारत के पूर्व नेवी अफसर जाधव को फांसी की सजा सुनाई थी। इस पर भारत सरकार ने पाक के हाईकमिश्नर को तलब किया था। साथ ही कहा था पाक की इस कार्रवाई को सोचा-समझा मर्डर माना जाएगा। इस बीच महाराष्ट्र के नागपुर में जाधव के समर्थन में प्रदर्शन हुए।
पाक आर्मी ने वहां की जेल में बंद भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है।
ISPR के अफसर मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्विटर पर बताया कि पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया गया और फांसी की सजा सुनाई गई।
दूसरी ओर, भारत ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित को तलब किया। उन्हें डिमार्शे (डिप्लोमैटिक डिमांड लेटर) सौंपा। इसमें कहा गया- अगर सजा पर अमल होता है तो ये कानून के बुनियादी नियमों के खिलाफ होगा। इसे सोचा-समझा कत्ल कहा जाएगा।
डिमार्शे में आगे कहा गया- ये ध्यान रखा जाना चाहिए कि पाकिस्तान में इंडियन हाई कमीशन को ये बताने की जरूरत भी नहीं समझी गई कि कुलभूषण पर केस चल रहा है। भारत के लोग और सरकार इसे सोचा-समझा कत्ल ही मानेंगे।इस बीच, भारत सरकार ने पाकिस्तान के 11 कैदियों की बुधवार को होने वाली रिहाई टाल दी है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान के इस फैसले पर तल्ख टिप्पणी की। कहा- पाकिस्तान के मिलिट्री कोर्ट में आरोपी के खिलाफ क्या आरोप लगाए जाते हैं या सबूत पेश किए जाते हैं, इनको कभी पब्लिक नहीं किया जाता।
पाकिस्तानी सेना के कानून के तहत आए इस फैसले पर 90 दिनों के भीतर अमल होना तय है। पाक आर्मी चीफ बाजवा इसे मंजूरी दे चुके हैं। ऐसे में, इसके खिलाफ अपील की कोई गुंजाइश नहीं रहती। जाधव को फांसी की सजा से बचाना मुश्किल होगा।