इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने दावा किया है कि कुलभूषण जाधव ने देश में हाल ही में हुए आतंकी हमलों के बारे में भारत को बेहद खुफिया जानकारी मुहैया कराई थी। पाक फॉरेन ऑफिस के स्पोक्सपर्सन नफीस जकारिया ने एक इंटरव्यू में यह कहा है। जकारिया के मुताबिक भारतीय नागरिक जाधव ने हमलों के बारे में भारत को लगातार खुफिया जानकारी दी। बता दें कि जाधव को पाक मिलिट्री कोर्ट ने जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी। भारत यह मामला ICJ (इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस) में ले गया। आईसीजे ने पाक से आखिरी फैसला होने तक फांसी रोकने को कहा है।
 
 न्यूज एजेंसी के मुताबिक जकारिया ने डॉन न्यूज को दिए इंटरव्यू में यह दावा किया है। हालांकि जकारिया ने यह बताने से इनकार कर दिया कि जाधव ने क्या खुफिया जानकारी भारत को दी।
जकारिया ने कहा कि इंटरनेशनल कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगाई है, लेकिन यह मामला उसके अधिकार क्षेत्र में आता है या नहीं, यह तय होना अभी बाकी है।
जाधव जासूस था, इसके काफी सबूत: PAK अटॉर्नी जनरल
हालांकि पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अश्तार औसफ ने डॉन न्यूज से कहा कि इस बात के काफी सबूत हैं कि जाधव भारतीय जासूस था। औसफ ने कहा कि पाक के पास जाधव के बारे में काफी इन्फॉर्मेशन है, लेकिन सिक्युरिटी वजहों से इनका खुलासा नहीं किया जा सकता। सबूतों को सिर्फ आईसीजे में सुनवाई के दौरान पेश किया जाएगा।
आईसीजे का आदेश पाक की हार नहीं
औसफ ने कहा कि इस मामले में आईसीजे का 18 मई को आया आदेश पाकिस्तान की हार नहीं है, न ही ये भारत की जीत है। औसफ ने कहा कि जब मामले की फिर से सुनवाई शुरू होगी तो पाकिस्तान के पास जीत हासिल करने के लिए मजबूत आधार होगा।
बता दें कि आईसीजे ने पाक से न केवल आखिरी फैसले तक जाधव को फांसी न देने को कहा है बल्कि जाधव को कॉन्स्यूलर एक्सेस देने को भी कहा है।जल्द फांसी के लिए PAK सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन
कुलभूषण जाधव को जल्द फांसी देने के लिए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की गई है। ये पिटीशन एक वकील मुजामिल अली की तरफ दायर की गई है। पिटीशन में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट को सरकार को आदेश देना चाहिए कि वह जाधव के मामले में जल्द कार्रवाई करे।
– पिटीशनर ने सुप्रीम कोर्ट से ये भी रिक्वेस्ट की है कि अगर जाधव की फांसी की सजा पलट दी जाती है तो भी उसे जल्द फांसी दिए जाने का ऑर्डर दिया जाना चाहिए।

क्या है मामला?
पाक की मिलिट्री कोर्ट ने जाधव को जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था। इंडियन नेवी से रिटायरमेंट के बाद वे ईरान में बिजनेस कर रहे थे।
हालांकि, पाकिस्तान का दावा है कि जाधव को बलूचिस्तान से 3 मार्च 2016 को अरेस्ट किया गया था। पाकिस्तान ने जाधव पर बलूचिस्तान में अशांति फैलाने और जासूसी का आरोप लगाया है।
इंटरनेशनल कोर्ट में भारत की तरफ से सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने 8 मई को पिटीशन दायर की थी। भारत ने यह मांग की थी कि भारत के पक्ष की मेरिट जांचने से पहले जाधव की फांसी पर रोक लगाई जाए।